” द हिन्दी ” के लिए अमित पी भंडारी और मनीष गिरधानी….
झाबुआ. पुलिस महकमे में ऐसे बहुत कम अधिकारी देखे जाते हैं जिनके लिए उनका स्टाफ हमेशा सकारात्मक दिखाई देता है और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों में भी ऐसे उदाहरण दीगर ही होते है जब अधिकतर स्टाफ उनमें अपने पिता को देखता है…..अपने घरों से कोसों दूर जब कोई पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर कहीं पदस्थ होता है तो उसके मन में दिनभर की ड्यूटी करने के बाद यही ख्याल आता है कि काश मेरे पास माँ होती, मेरे साथ पिता होते तो पूछते कि बेटा तुमने खाना खाया है कि नही….पुलिसकर्मियों के परिवार भी जब अपने बेटे भाई और पुत्र से दूर होते हैं तो वो भी यही सोचते है कि हमारा बेटा कैसा होगा, उसने खाना खाया होगा कि नही, ठीक से सोया होगा कि नही. ऐसे समय में यदि यह सारी जिम्मेदारिया पुलिस का कोई बड़ा अधिकारी निभाता है तो निश्चित रूप से उसकी छवि अपने विभाग के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों में एक पिता की बन जाती है. आज दोपहर जब झाबुआ के एसपी श्री आशुतोष गुप्ता जब जिले के अंतरवेलीया और मेघनगर पहुचे तो उन्होंने अपने हाथों से पुलिसकर्मियों को विटामिन सी की गोलिया और electrol के पाउच के साथ पानी की बोतले दी तो पुलिसकर्मी भावुक हो गए.एसपी ने इस दौरान पुलिसकर्मियो से उनके परिवार के हाल-चाल पूछते हुए कहा कि आप लोग लगातार जनता के संपर्क में है और हम सब के लिए ये एक कठिन समय है. ऐसे मे आप अपने पूरे परिवार और बच्चों का विशेष ध्यान रखे. मैं हमेशा आपके साथ हूँ. बहुत सरल तरीके से कहे गए एसपी के इन शब्दों ने पुलिसकर्मियों को ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करने की हिम्मत देने के साथ साथ उनका हौसला भी बढ़ाया. ” द हिन्दी ” ने जब जिले के एसपी के अचानक हुए इस दौरे के बारे में मेघनगर थाना प्रभारी और अन्तरवेलियाँ चौकी प्रभारी से चर्चा कर एसपी के इस दौरे की जानकारी चाहिए उन्होने कहा कि सिर्फ कोरोना काल मे ही नही जब से जिले के एसपी श्री आशुतोष गुप्ता हमारी टीम के कप्तान के रूप में पदस्थ हुए हैं तब से लेकर अभी तक वह लगातार वो हमारी चिन्ता एक पिता की तरह करते है. हमको ड्यूटी पर रहते हुए कभी यह लगता ही नही कि हम परिवार से इतने दूर है. यही उनके व्यक्तित्व की विशेषता है और इसी के चलते हम पूरी ऊर्जा के साथ इमानदारी से उनके नेतृत्व में काम करते है…..